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कांगड़ा में नशे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा वार, चरस तस्करी के आरोपी की 3.32 करोड़ की संपत्ति जब्त

नूरपुर पुलिस ने चरस तस्करी के आरोपी की 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की
रेस्तरां, दुकानों, मोटर वाहनों और बैंक खातों में जमा राशि की संपत्तियां जांच में सामने आईं
इस साल 10 सितंबर तक 17 मामलों में करीब 29.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करवाई जा चुकी है


नूरपुर (कांगड़ा)। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नूरपुर पुलिस ने चरस तस्करी के एक आरोपी की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। डमटाल थाना में दर्ज चरस तस्करी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की पहचान की थी। इनमें रेस्तरां, दुकानें, मोटर वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल थी।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से 1.852 किलोग्राम चरस भी बरामद की थी। इसके बाद मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित आय से जुड़ी संदिग्ध संपत्तियों की वित्तीय जांच की गई। जांच के आधार पर कुल 3,32,32,352.94 रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया था। इसकी रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेजी गई थी।

सक्षम प्राधिकारी ने जांच में सामने आए तथ्यों को सही मानते हुए आरोपी की संपत्ति जब्त करने की पुष्टि कर दी। इस संबंध में 9 सितंबर को आदेश जारी किया गया।

चरस तस्करी के मामले से शुरू हुई संपत्तियों की जांच

डमटाल थाना में दर्ज चरस तस्करी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 1.852 किलोग्राम चरस बरामद की थी। मामले की आगे की जांच में पुलिस ने केवल नशीले पदार्थ की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित आय से जुड़ी संपत्तियों की भी वित्तीय जांच की।

जांच के दौरान आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई। इनमें रेस्तरां, दुकानें, मोटर वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल थी। पुलिस ने इन संपत्तियों को संदिग्ध आय से जुड़ा मानते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई की।

3,32,32,352.94 रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से फ्रीज

वित्तीय जांच के आधार पर कुल 3,32,32,352.94 रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया। इसके बाद पुलिस ने संबंधित रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली को भेजी।

मामले से जुड़े तथ्यों और जांच रिपोर्ट का सक्षम प्राधिकारी ने परीक्षण किया। जांच के तथ्यों को सही मानते हुए संपत्ति जब्त करने की पुष्टि की गई। इस संबंध में 9 सितंबर को आदेश जारी किया गया।

इस कार्रवाई में आरोपी की संपत्तियों के अलग-अलग माध्यमों में निवेश या जमा राशि को भी जांच के दायरे में लिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई करना है।

आरोपी बलविंद्र उर्फ बिल्ला को किया गया था गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार 29 दिसंबर, 2025 को डमटाल में दर्ज मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में बलविंद्र उर्फ बिल्ला निवासी छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को गिरफ्तार किया गया था।

मामले की जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय पहलुओं की भी जांच की गई। इसी प्रक्रिया के तहत आरोपी की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया और बाद में सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद उसे जब्त किया गया।

एएसपी धर्म चंद वर्मा ने बताया कि 29 दिसंबर, 2025 को डमटाल में दर्ज मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत कार्रवाई की गई थी और बलविंद्र उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया गया था।

इस साल 17 मामलों में करीब 30 करोड़ की संपत्ति जब्त

नूरपुर पुलिस के अनुसार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई लगातार जारी है। इस साल 10 सितंबर तक 17 अभियोगों में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की कुल 29,95,92,857 रुपये की संपत्ति जब्त करवाई जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार कुछ अन्य मामलों में भी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया सक्षम प्राधिकारी दिल्ली के समक्ष विचाराधीन है। यानी आने वाले समय में इन मामलों में भी संपत्तियों को लेकर निर्णय हो सकता है।

नशा कारोबारियों की आर्थिक कमर तोड़ने पर जोर

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी। नशे के कारोबार से अर्जित आय और उससे बनाई गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार नशा कारोबारियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्रवाई के माध्यम से नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कसने का प्रयास किया जा रहा है।